बाड़मेर रक्तदाता समूह को समर्पित
पप्पू कुमार बृजवाल A1 TV
पप्पू कुमार बृजवाल A1 TV
सेल्यूट भीमराज
कडेला और आपकी टीम को....!!
#पप्पूकुमार बृजवाल
आम राय होती हैं कि इंसान खून का नाम सुनकर सन्न रह जाता हैं या यूँ कहे कि खून देखकर ही विचलित हो जाता हैं तो यह सही होगा। बाड़मेर में इन दिनों एक शख्स भीमराज कडेला है जो अपने साथियो के सहयोग से किसी जरूरतमंद को आपातकालीन में रक्तदान करवा कर कई इंसानो की जिंदगी बचा रहे है। मैं काफी समय से इस ग्रुप में जुड़ा हुआ हूँ और इस ग्रुप से जुड़े सदस्य हर रोज एक ना एक पोस्ट रक्तदान की आवश्यकता को लेकर करते ही है। जैसे ही रक्तदान को लेकर ऐसी पोस्ट आती है जिसमें लिखा हुआ होता है फलाने मरीज को रक्त की सख्त आवश्यकता है तो सबसे पहले ग्रुप एडमिन भीमराज कडेला उस मरीज तक पहुंच कर उसको रक्त उपलब्ध करवाते है। यंहा तक की ग्रुप एडमिन भीमराज कडेला द्वारा मानव हित में किए जा रहे सराहनीय कार्य को लेकर अस्पताल प्रशासन भली भांति से वाकिफ है और बीती 26 जनवरी को अस्पताल प्रशासन ने भीमराज को सम्मानित करवाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा लेकिन ना जाने जिला प्रशासन को इस महान कार्य या यूँ कहे भीमराज का काम पसन्द नही आया हो और उन्होंने सम्मानित वाली सूचि में इनका नाम ही नही जोड़ा। खैर उसके बावजूद भी रक्तदाता भीमराज अपने कार्य को बखूबी से निभा रहे है। जब भी मुझे मिलते है एक ही बात इनकी जुबान पर होती है की राजकीय अस्पताल में दाग नही लगना चाहिए की एक फलाने मरीज ने रक्त के अभाव में दम तोड़ दिया। रक्तदाता भीमराज कडेला का मानना हैं कि खून के रिश्ते को दुनिया का सबसे अटूट बंधन माना जाता है और अपनी रगों में बहते खून के चंद कतरे ''दान'' करके आप ऐसे अनजाने लोगो की जान निस्वार्थ भाव से बचा सकते हैं जो आपसे कभी मिले नहीं या फिर आपका कोई उनसे वास्ता नहीं रहा हो। भीमराज कडेला के इस महान कार्य को देखकर बाड़मेर शहर में बहुत से लोग इस मुहीम में जुड़ रहे है और खासकर आज पुलिस कप्तान साब की एक पोस्ट ने मुझे सोचने को मजबूर कर दिया की वास्तव में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। भीमराज जी कडेला और पुलिस कप्तान परिस जी देशमुख साब की सोच को दिल से सलाम करता हूँ। धन्यवाद
#पप्पूकुमार बृजवाल
आम राय होती हैं कि इंसान खून का नाम सुनकर सन्न रह जाता हैं या यूँ कहे कि खून देखकर ही विचलित हो जाता हैं तो यह सही होगा। बाड़मेर में इन दिनों एक शख्स भीमराज कडेला है जो अपने साथियो के सहयोग से किसी जरूरतमंद को आपातकालीन में रक्तदान करवा कर कई इंसानो की जिंदगी बचा रहे है। मैं काफी समय से इस ग्रुप में जुड़ा हुआ हूँ और इस ग्रुप से जुड़े सदस्य हर रोज एक ना एक पोस्ट रक्तदान की आवश्यकता को लेकर करते ही है। जैसे ही रक्तदान को लेकर ऐसी पोस्ट आती है जिसमें लिखा हुआ होता है फलाने मरीज को रक्त की सख्त आवश्यकता है तो सबसे पहले ग्रुप एडमिन भीमराज कडेला उस मरीज तक पहुंच कर उसको रक्त उपलब्ध करवाते है। यंहा तक की ग्रुप एडमिन भीमराज कडेला द्वारा मानव हित में किए जा रहे सराहनीय कार्य को लेकर अस्पताल प्रशासन भली भांति से वाकिफ है और बीती 26 जनवरी को अस्पताल प्रशासन ने भीमराज को सम्मानित करवाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा लेकिन ना जाने जिला प्रशासन को इस महान कार्य या यूँ कहे भीमराज का काम पसन्द नही आया हो और उन्होंने सम्मानित वाली सूचि में इनका नाम ही नही जोड़ा। खैर उसके बावजूद भी रक्तदाता भीमराज अपने कार्य को बखूबी से निभा रहे है। जब भी मुझे मिलते है एक ही बात इनकी जुबान पर होती है की राजकीय अस्पताल में दाग नही लगना चाहिए की एक फलाने मरीज ने रक्त के अभाव में दम तोड़ दिया। रक्तदाता भीमराज कडेला का मानना हैं कि खून के रिश्ते को दुनिया का सबसे अटूट बंधन माना जाता है और अपनी रगों में बहते खून के चंद कतरे ''दान'' करके आप ऐसे अनजाने लोगो की जान निस्वार्थ भाव से बचा सकते हैं जो आपसे कभी मिले नहीं या फिर आपका कोई उनसे वास्ता नहीं रहा हो। भीमराज कडेला के इस महान कार्य को देखकर बाड़मेर शहर में बहुत से लोग इस मुहीम में जुड़ रहे है और खासकर आज पुलिस कप्तान साब की एक पोस्ट ने मुझे सोचने को मजबूर कर दिया की वास्तव में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। भीमराज जी कडेला और पुलिस कप्तान परिस जी देशमुख साब की सोच को दिल से सलाम करता हूँ। धन्यवाद

इस पुण्य भरे कार्य के लिए बहुत बहुत आभार
ReplyDeleteइस पुण्य भरे कार्य के लिए बहुत बहुत आभार
ReplyDeleteभीमराज कड़ेला का यह सराहनीय कदम है,उनके जज्ज्बे को दिल से सलाम।।
ReplyDelete