चिकित्सालय बाड़मेर में भर्ती एक महीला को फ्रेस ए पॉजिटिव रक्त की
जरुरत पडी. परिजनों के प्रयासों के बावजूद रक्त नही मिल रहा था और महीला की हालत
गंभीर होती जा रही थी. समूह के देवेन्द्र जी और खेतराज जी के प्रयासों से स्वरुप
बृजवाल ने रक्तदान किया और परिजनों ने उन्हें शुभाषीश दिया.स्वरुप बृजवाल की मानवता के प्रति सेवाए शुरू से ही सराहनीय रही है.
तमाम बीमारियों और ऑपरेशनों में ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में मरीज के घरवालों के सामने असली चुनौती यह होती है कि वे सेफ ब्लड का इंतजाम कहां से करें। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि मरीज को ब्लड चढ़ाने का प्रॉसेस ठीक तरीके से पूरा हो और उसमें पूरी तरह से सावधानी बरती जाए। अगर ब्लड की जरूरत पड़ जाए तो किन बातों का रखें ध्यान... जब भी किसी मरीज को ब्लड की जरुरत पड़े तो सबसे पहला काम ब्लड बैंक में जाकर पता करे की वहाँ वह रक्त मौजूद है या नहीं. अगर ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध है तो आपको भटकने की जरुरत नहीं रह जाती है , ब्लड बैंक से ब्लड लेने के लिए आपको स्वयं को या परिचित रिश्तेदार को ब्लड बैंक में बदले में रक्त देना पड़ता है. मतलब आपको जिस ग्रुप के रक्त की जरुरत है वह वहां से मिल जायेगा मगर बदले में आपको किसी भी रक्त समूह का ब्लड , ब्लड बैंक में देना होगा. यह ब्लड बैंक का प्रोसेस है. अब अगर आप ब्लड बैंक जाते है और वहा आपको जो रक्त चाहिए वह नहीं मिलता है तो अब ऐसे में आपको उसी ब्लड ग्रुप का डोनर लाने की जरुरत हो उठती है. यह कोई समस्या नहीं है. ...

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