मेरे पास एक कॉल आया मरीज के परिजन का था . मुझसे कहा की
लेडीज डिलीवरी वार्ड में भर्ती है और डॉक्टर ने कहा है खून चढ़ाना पड़ेगा कमजोरी है, वरना माँ और बच्चे दोनों
को खतरा है. मेने पूछा - रक्त समूह क्या है उन्होंने ए-पॉजिटिव बताया. मेने कहा-
ठीक है मै पता कर के वापस कॉल करता हु . मेने ब्लड बैंक में पता किया तो पता चला
ए-पॉजिटिव रक्त ब्लड बैंक में उपलब्ध है. मेने वापस कॉल किया और कहा आपको घबराने
की जरुरत नहीं है हमारे हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध है. आपको बस ब्लड
बैंक जाना है और आप अपने किसी परिजन का ब्लड रिप्लेसमेंट में दे देना. उन्होंने
कहा की हम गाँव के है और हमारे साथ में ऐसा कोई नहीं जो रक्त दे सके और हमारा यहा
कोई पहचान वाला भी नहीं है. मेने कहा – ठीक है, मै डोनर भेजता
हूँ . मैं खुद हॉस्पिटल गया और मेरे साथ 2 डोनर थे मैंने परिजन को कॉल किया और
ब्लड बैंक के यहां आने को कहा.
मैंने देखा की 2 युवा हष्ट पुष्ट आये. मेने कहा रक्त तो आप
भी दे सकते है आप तो इस लायक लग रहे हो. पहले वाले ने कहा रक्त नहीं दे सकता, मेरी इतनी हेल्थ कहा और
मै तो बीमार हूँ . मैंने कहा आप नहीं तो दुसरे वाले की तरफ इशारा करके की आप दे दो
. तो उसने भी मना कर दिया. मेने पहले वाले से पुछा आपके मरीज क्या लगता है? उसने कहा मेरी भाभी है.
मेने कहा आप अपनी भाभी के लिए खून नहीं दे सकते और मेरे साथ जो आये है उसके आपकी
भाभी कुछ नहीं लगती, वो केसे दे सकते
है (उससे पहले मेने उन्हें रक्तदान के बारे में सब जानकारी दे दी थी ). वो जाने
लगे और कहने लगे हमारे साथ वृद्ध भी है आप उनसे बात करो. मै उनके पास डिलीवरी
वार्ड में गया उन्हें पूरी बात बताई.
मेने कहा रक्त यहा उपलब्ध है और अब बस आप ईन दोनों में से
किसी एक का रक्त रिप्लेसमेंट करवादो तो उनका जवाब भी सुनने लायक था - की मेरा बेटा
केसे रक्त दे सकता है. आप चाहे तो पैसे ले लो मगर सारी व्यवस्था आप ही को करनी है, हम खून नहीं दे सकते.
मैंने उन्हें बताया की हमारे रक्तदाता समूह के डोनर
पूर्णतया स्वेच्छिक एवम निः शुल्क रक्तदान करते है. काफी समझाने के बाद भी वो नहीं
समझे. आखिर हमें तो उस मरीज की जान बचानी थी मेने कहा ठीक है आप अपने डॉक्यूमेंट
लेकर ब्लड बैंक के आगे आ जाओ हमारा डोनर रक्तदान कर देगा.
हम सब ब्लड बैंक गए वह कर्मचारी आगे ब्लड रिप्लेसमेंट में
थोडा व्यस्त था. हमें देरी हो रही थी मगर हमने बाहर इंतजार कीया. हम समूह के लोग
आपस में बात कर रहे थे. ब्लड बैंक वाले ने करीब 10 मिनट बाद हमें बुलाया . हम अंदर
गये और उन्होंने मुझे कहा आज फिर किसको रक्त दिलवा रहे हो. मेने कहा- रुको! मैं
उनको बुलाता हूँ. बाहर देखा तो कोई नहीं था. हमने यहा वहा काफी ढूंढा मगर वो लड़का
कही नहीं मिला. मेने डोनर से कहा शायद वो कही ज्यूस लेने न चला गया हो. काफी देर
इंतजार के बाद भी वो नहीं आया.
हम पर क्या बीती वो बस हम ही महसूस कर सकते थे. हमारे चेहरे
देखने लायक थे.
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