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अनूठी घटना जरुर पढ़े।।

06.04.2016

आज की बात करू तो आज जिसका मेरे पास कॉल आया उस शख्स के साथ बहुत ही ज्यादा विपरीत परिस्तिथीती गुजर रही थी। 9 माह पेट में रखने के बाद जब माँ और उनके परिजन, एक नए मेहमान को इस दुनिया में आने के सपने संजोये हुए थे और अचानक ही नीति स्वरुप वो दुनिया देख नहीं पाता, सपने तो टूटे ही साथ ही माता की जान पर बन आई थी। डॉक्टर ने तुरंत बी पोजिटिव रक्त की व्यवस्था करने को कहा मगर ब्लड बैंक में वह उपलब्ध नहीं मिला। पिछले कुछ दिनों से बी पोजिटिव की शोर्टेज चल रही है। पति ने अपना हाथ आगे बढाया की मेरा चेक करलो और ले लो जितना चाहे मगर मेरी बीवी को बचालो, बच्चे को तो बचा नहीं पाया पत्नी को तो बचालो। ब्लड बैंक कार्मिकों ने तुरंत तत्परता दिखाई मगर भाग्यवस उनका ब्लड ग्रुप कुछ और ही निकला। काफी मशक्कत करने पर भी ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
ये एक ऐसी परिस्तिथी थी जिसे वही समझ सकता है जिस पर बित रही हो।
बाद में उनका संपर्क एडमिन लीलाराम सेजू से हुआ उन्होंने मुझसे संपर्क कर परिस्तिथी बताई। मै ऑफिस से निकला ही था हॉस्पिटल आ गया वहा मुझे परिजन मिल गये। उनकी घबराहट आँखों में आंसू देखकर भीड़ का माहौल बन रहा था।
मुझे तुरंत हमारे डोनर जीतेन्द्र जांगिड जो स्वेच्छा से कुछ दिन पहले ही हमारे ग्रुप में शामिल हुए है, याद आये और उनसे संपर्क किया और वो इस नेक काम में सहयोग देने के लिए तुरंत आने को तैयार हो गये।
समय पर रक्त की व्यवस्था हो गयी तो परिजन की आँखों में फिर से आंसू आ गये मगर पह्ले वाले आंसू और इन आँसुओ में बेहद फर्क था।
आज इस परिस्तिथीती से ये सबक मिला की आप वर्तमान में कुछ भी हो वक़्त जाने कब बदल जाये इस परिवार ने ये नहीं सोचा होगा की ऐसा भी दिन आयेगा। दूसरा ये की आपके कर्म और भावनाएं नेक है तो परिस्तिथीयाँ कितनी ही बुरी क्यूं ना हो आपके लिये परमात्मा खुद व्यवस्था बनाता है और तीसरा यह की आपके इरादे नेक और मन में पक्का विश्वास है तो आप जरुर सफल होते है।।


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