पिछले दो दिनों
से बी पॉजिटिव रक्त के लिए मशक्कत कर रहे सुरेन्द्र सिंह के पिता एवम उनके परिजनो
को आखिर रक्तदाता मिल ही गया. सुरेन्द्र सिंह 15 साल का बच्चा है
और डॉक्टर ने बताया की उसके लीवर में समस्या है तथा पीलिया भी हो रखा है. डॉक्टर
ने रक्त की कमी बताते हुए फ्रेस ब्लड की व्यवस्था करवाने को कहा. दो दिन लगातार
कोशिशो के बावजूद परिजनों को कोई रक्तदाता नहीं मिला. आखिर ब्लड बैंक वालों ने
आखिरी सहारा बाड़मेर रक्तदाता समूह को बताया. समूह के डोनर विनोद कुमार ने सुबह
जल्दी आकर रक्तदान किया. वही मौके पर सुरेन्द्र के भाई साहब से रहा नहीं गया और कह
बेठे की मेरे पाव में दर्द है क्योकि अपने भाई की जान बचाने के लिए रक्त की
व्यवस्था करने में दो दिन वो आराम से बैठ भी नहीं पाए. समूह संचालक ने परिजनों को
रक्तदान के बारे में जानकारी डी और इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए दुसरो की भी
जान बचाने की प्रेरणा दी.
रक्तदाता विनोद कुमार की इच्छा अनुसार हम उनका फोटो उपलब्ध नहीं करवा सकते.
धन्य हो रक्तदाता, जिस तरह आप नयी जिन्दगी देकर लोगो के घरो के चिरागो को रोशन करते हो, आपका भी जीवन उसी तरह रोशन हो.
धन्य हो रक्तदाता, जिस तरह आप नयी जिन्दगी देकर लोगो के घरो के चिरागो को रोशन करते हो, आपका भी जीवन उसी तरह रोशन हो.
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