कौन कर सकता है रक्तदान :
कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो।
जिसके रक्त में हिमोग्लोबिन का प्रतिशत 12 प्रतिशत से अधिक हो।
महावारी के दौर से गुजर रही महिला।
बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिला।
रक्त देते समय कोई पीडा नहीं होती है।
रक्तदान करने में 5 से 10 मिनट का समय लगता है।
रक्त देने के पश्चात आप सभी कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं।
रक्तदाता के सामान्य स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडता है।
रक्तदान को महादान माना जाता है। इससे रक्तदाता को आत्मसंतोष और किसी की जान बचाने का सुकून हासिल होता है। स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है और अगर देश का हर स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करे तो रक्त की कमी से किसी की मौत नहीं होगी।
रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं। अनायास दुर्घटना या बीमारी का शिकार हममें से कोई भी हो सकता है। आज हम सभी शिक्षित व सभ्य समाज के नागरिक है, जो केवल अपनी नहीं बल्कि दूसरों की भलाई के लिए भी सोचते हैं तो क्यों नहीं हम रक्तदान के पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें और लोगों को जीवनदान दें।



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