जयपुर में महीला को जिन्दगी और मौत के बिच जूझती देख एक डॉक्टर की भावनाएं बहने लगी और उन्होंने उसे बचाने की ठान ली. हम बात कर रहे है डॉक्टर सूरज ओझा की, बाड़मेर निवासी डॉ ओझा ने मानवता का फर्ज निभाते हुए सीधे ब्लड बैंक पहुंचे और अपना हाथ आगे कर दिया. डॉक्टर की इस सेवा भावना को देखकर स्टाफ सकते में आ गया. डॉ ओझा ने रक्तदान कर परिवारजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
जयपुर में महीला को जिन्दगी और मौत के बिच जूझती देख एक डॉक्टर की भावनाएं बहने लगी और उन्होंने उसे बचाने की ठान ली. हम बात कर रहे है डॉक्टर सूरज ओझा की, बाड़मेर निवासी डॉ ओझा ने मानवता का फर्ज निभाते हुए सीधे ब्लड बैंक पहुंचे और अपना हाथ आगे कर दिया. डॉक्टर की इस सेवा भावना को देखकर स्टाफ सकते में आ गया. डॉ ओझा ने रक्तदान कर परिवारजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.

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